दोस्ती एक ऐसा खूबसूरत रिश्ता है जब हम दोस्तों के साथ बैठते है तो वो सारी पूरानी यादे ताज़ा हो जाती है जो कभी साथ मे बिताए गए।
दोस्त वो है जिसके पास आप बैठे हो और कुछ गुफ्तगू न हो रही हो, बस हम सोच रहे हो की हमारी मुलाकात कैसे हुई और कहा पर हुई।
जब हम दोस्त के साथ होते है तो एक जन्नत की तरह सुकून मिलता है जैसे की काफी लंबे समय के बाद हम मिल रहे है जो कभी रोज मिलते थे।
दोस्ती बारिश की तरह है जो दिल को भिगो देती है सारी तकलीफों से राहत देती है जब हम किसी प्रकार की परेशानी मे होते है तब भी सबसे पहले एक दोस्त की याद आती है।
दोस्ती खूशबू की तरह है जब ये महकती है चारों ओर खूशबू फैल जाती है हर तरफ ही खुशी नज़र आती है जैसे हम कभी बचपन मे साथ खेला करते थे और बदमाशी करते रहते थे।
दोस्ती रोशनी की तरह है जब जगमगाती है हर तरफ उजाला ही उजाला दिखाई देता है कभी हम साथ मिलकर दिया जलाया करते थे और दूसरे मोहल्ले मे जाकर फुलझड़िया जलाते थे।
दोस्ती एक कविता की तरह है जब पड़ी जाए तो मन को मुग्ध कर देती है जब बात घुमाने की आए तो फट से हम तैयार हो जाते है कही भी जाते के लिए क्युकी एक दोस्त जानता है अकेले घूमने मे वो मज़ा नहीं है जो एक दोस्त के साथ मे है।
दोस्त वो है जब आप उससे कहे कही जाने के लिए वो तुरंत तैयार हो जाए, इससे दोस्ती मे खटास नहीं आती है न कभी अपने दोस्त से ज़्याद मज़ाक करने की कोशिश करे क्युकी आपकी दोस्ती को बिगाड़ने का ये भी एक कारण बन सकता है ।